आवास और गृह ऋण: अपना घर का सपना पूरा करें
भारत में घर खरीदना सबसे बड़ा वित्तीय निर्णय होता है। PMAY जैसी सरकारी योजनाओं, RERA के तहत खरीदार संरक्षण और होम लोन के कर लाभों को समझना इस प्रक्रिया को आसान बनाता है।
मुख्य बातें
PMAY-शहरी में EWS/LIG श्रेणी के लिए ब्याज सब्सिडी उपलब्ध है। होम लोन पर धारा 24(b) में ₹2 लाख तक ब्याज कटौती और धारा 80C में ₹1.5 लाख तक मूलधन कटौती मिलती है। RERA पंजीकृत प्रोजेक्ट में ही निवेश करें। स्टांप ड्यूटी राज्य के अनुसार भिन्न होती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)
PMAY का उद्देश्य सबके लिए किफायती आवास उपलब्ध कराना है। PMAY-शहरी में EWS, LIG और MIG श्रेणियों के लिए होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
EWS/LIG श्रेणी में ₹6 लाख तक के ऋण पर 6.5% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। यह सब्सिडी NPV (Net Present Value) के रूप में ऋण राशि से घटा दी जाती है जिससे EMI कम होती है।
होम लोन और कर लाभ
होम लोन की ब्याज दरें वर्तमान में 8.5%-9.5% के बीच हैं। स्व-अधिकृत संपत्ति पर धारा 24(b) में ₹2 लाख तक ब्याज कटौती और धारा 80C में मूलधन पर ₹1.5 लाख तक कटौती मिलती है।
पहली बार घर खरीदने वालों के लिए धारा 80EEA में अतिरिक्त ₹1.5 लाख की ब्याज कटौती भी उपलब्ध रही है। संयुक्त होम लोन में दोनों सह-उधारकर्ता अलग-अलग कर लाभ ले सकते हैं।
RERA: खरीदार संरक्षण
रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 (RERA) खरीदारों को बिल्डर की देरी, गुणवत्ता संबंधी समस्याओं और धोखाधड़ी से सुरक्षा प्रदान करता है।
RERA पंजीकृत प्रोजेक्ट में बिल्डर को समय पर डिलीवरी देनी होती है। संरचनात्मक दोषों के लिए 5 वर्ष की वारंटी अनिवार्य है। अपने राज्य की RERA वेबसाइट पर प्रोजेक्ट की स्थिति जांचें।
PMAY और RERA के नियम समय-समय पर बदलते हैं। कृपया संबंधित सरकारी वेबसाइटों (pmaymis.gov.in, rera.gov.in) पर नवीनतम जानकारी देखें।